नाखुनो को फंगल इन्फेक्शन होने से बचाये
.इस समस्या के यह है कारन :-
नाखुनो में फंगल इन्फेक्शन देइबिटीज़ से पीड़ित होने , ब्लड सर्कुलेशन काम होने , यदि उम्र 65 से अधिक है , नकली नाख़ून लगते है , सार्वजनिक स्विमिंग पूल में स्नान करते है , नाख़ून या उसके आसपास की त्वचा में कभी छूट लगी हो। . लम्बे समय तक उंगलिया या अगूंठे में नमी ज़यादा हो.. इम्यूनन सिस्टम कमज़ोर हो... अगूंठो को दबाकर रखने वाले जुटे पहनते है , मसलन टेनिस शू या बूट आदि तो यह समस्या हो सकती है...
महिलाओं की तुलना में पूरोशश में नाख़ून का संक्रम अधिक होता है.. और यह संक्रमण बच्चो के मुकाबले व्यस्को में अधिक होता है.. बुज़ुर्गो में ब्लड सर्कुलेशन काम इस समस्या के बढ़ने की आशंका रहती है...
.उपचार के लिए :-
एंटीफंगल , क्रीम , जेल , और नेल पोलिश का इस्तेमाल करने से इन्फेक्शन दुबारा होने से रोक सकते है... एंटीफंगल गोलिया गंभीर सँकराम के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है... नाख़ून जब गंभीर रूप से संक्रमित हो जाये तू संक्रिमत नाख़ून को ससर्जरी या बिना सर्जरी के निकला जाता है...
. 30 मिनट पैर पानी में रखिये :-
पेरो के अगूंठो में फंगल से बचाव के लिए एक भाग एप्पल सिदार सेंधा नमक को 6 भाग गर्म पानी में मिला ले.. पानी को गुनगुना गर्म करे कर 30 मिनट तक पैर इसमें रखिये...
.धयान रखिये इन बातो का :-
. सोने से पहले अपने पेरो या हाथो को अछि तरह साफ़ कर सूखा ले... फिर अपनी त्वचा या नाख़ून में किसी टोपिकल एंटीफंगल को सीधा लगा ले...
. पेरो और हाथो को सुखाकर रखे.. सुखी त्वचा संक्रमण का खतरा काम रहता है.. हाथ पैर सुखाकर पाउडर लगाए...
. जुराबे पहने। . यदि जुराबे नाम हो जाये तो उन्हें बदल ले ताकि आपके पैर सूखे नाह रहे.. नमी दूर करने के वाले मैटेरियल्स से बने संदेल या ड्राई रूमी शू पहने...
. अपने जुटे , जुराबे , नेल क्लिपर्स या नेल फाइल्स अन्य लोगो लोगो को शायर नाह करे...
. नाखुनो को छूट से बचाये। . नाख़ून बहुत ज़यादा छोटे करने से भी नाखुनो में ज़ख़्म हो सकता है...
.इस समस्या के यह है कारन :-
नाखुनो में फंगल इन्फेक्शन देइबिटीज़ से पीड़ित होने , ब्लड सर्कुलेशन काम होने , यदि उम्र 65 से अधिक है , नकली नाख़ून लगते है , सार्वजनिक स्विमिंग पूल में स्नान करते है , नाख़ून या उसके आसपास की त्वचा में कभी छूट लगी हो। . लम्बे समय तक उंगलिया या अगूंठे में नमी ज़यादा हो.. इम्यूनन सिस्टम कमज़ोर हो... अगूंठो को दबाकर रखने वाले जुटे पहनते है , मसलन टेनिस शू या बूट आदि तो यह समस्या हो सकती है...
महिलाओं की तुलना में पूरोशश में नाख़ून का संक्रम अधिक होता है.. और यह संक्रमण बच्चो के मुकाबले व्यस्को में अधिक होता है.. बुज़ुर्गो में ब्लड सर्कुलेशन काम इस समस्या के बढ़ने की आशंका रहती है...
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.उपचार के लिए :-
एंटीफंगल , क्रीम , जेल , और नेल पोलिश का इस्तेमाल करने से इन्फेक्शन दुबारा होने से रोक सकते है... एंटीफंगल गोलिया गंभीर सँकराम के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है... नाख़ून जब गंभीर रूप से संक्रमित हो जाये तू संक्रिमत नाख़ून को ससर्जरी या बिना सर्जरी के निकला जाता है...
. 30 मिनट पैर पानी में रखिये :-
पेरो के अगूंठो में फंगल से बचाव के लिए एक भाग एप्पल सिदार सेंधा नमक को 6 भाग गर्म पानी में मिला ले.. पानी को गुनगुना गर्म करे कर 30 मिनट तक पैर इसमें रखिये...
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.धयान रखिये इन बातो का :-
. सोने से पहले अपने पेरो या हाथो को अछि तरह साफ़ कर सूखा ले... फिर अपनी त्वचा या नाख़ून में किसी टोपिकल एंटीफंगल को सीधा लगा ले...
. पेरो और हाथो को सुखाकर रखे.. सुखी त्वचा संक्रमण का खतरा काम रहता है.. हाथ पैर सुखाकर पाउडर लगाए...
. जुराबे पहने। . यदि जुराबे नाम हो जाये तो उन्हें बदल ले ताकि आपके पैर सूखे नाह रहे.. नमी दूर करने के वाले मैटेरियल्स से बने संदेल या ड्राई रूमी शू पहने...
. अपने जुटे , जुराबे , नेल क्लिपर्स या नेल फाइल्स अन्य लोगो लोगो को शायर नाह करे...
. नाखुनो को छूट से बचाये। . नाख़ून बहुत ज़यादा छोटे करने से भी नाखुनो में ज़ख़्म हो सकता है...
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