चिकन वर्क के साथ रंगो का प्रयोग
 |
| missaaharshi.com |
 |
| मिस्साहारशी.कॉम |
डिज़ाइनर ने पिछले दिनों चिकेनकरी कला के सम्मान में नया कलेक्शन लांच किया है.. इसमें चिकन वर्क को अलग अलग रूपोमे पेश किया गया है.. खूबसूरत डिज़ाइन और फैब्रिक से बने इस कलेक्शन का लक्ष्य महिलाओ को शाहकत और आत्मनिर्भर बनाना भी है...
बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय डिज़ाइनर का नया कलेक्शन मिजवां समर 2017 चिकन करि की कला को समर्पित किया है... इसके जरिये ख़तम होती इस कला को दुबारा स्थापित करना उनका मुख्या कारन है... साथ ही इसके जरिये वे उन महिलाओ के जीवन को बेहतर बनाना चाहते है.. जिन्होंने सदियों पुराणी चिकन करि की परंपरा को अब तक जीवित रखा। . उन्होंने यह कलेक्शन मिजवान वेल फियर सोसाइटी के साथ मिलकर लांच किया है..
 |
| मिस्साहारशी.कॉम |
मिजवान समर 2017 की सबसे बड़ी खासियत इसकी फैब्रिक और रंगो के साथ प्रयोग है.. इसमें कॉटन के ऊपर बारीक़ चिकन वर्क किया गया है... जो ड्रेस को अलग ही अंदाज़ देता है.. रंगो को चुनाव गर्मी के मौसम को धयान रख कर किया गया है,, हलके रंगो पर बारीक़ कारीगरी से एक और तो ग्लामरौस लुक मिलता है.. तो दूसरी तरफ ड्रेस पहनने में भारीपन का एहसास नहीं होता है... कलेक्शन में साड़ी , सूट , स्कर्ट , टॉप , शेरवानी , बंदगला से लेकर शॉर्ट्स तक शामिल है , और यह हर उम्र के लोगो के लिए है...
 |
| मिस्साहारशी.कॉम |
लॉन्चिंग के मोके पर उन्होंने बताया की वे 6 साल से मिजवान सोसिटी के साथ जुड़े हुए है... फैशन के बदलते ट्रेड्स के साथ चिकन करि की कला धीरे - धीरे कमज़ोर होती जा रही हैजबकि उत्तर प्रदेश के कई इलाको में महिलाओ के लिए जीवन यापन का यह महत्पूर्ण जरिया है.. यह कलेक्शन उन महिलाओ के लिए है जो तमाम मुश्किलों के बावजूद इससे जुडी हुयी है...
उत्तर प्रदेश एक छोटे से गांव में मिजवान वेल फियर सोसाइटी की शुरुवात है , करीब 40 महिलाओ के साथ हुयी है , यह साथँय महिलाओ को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सक्रिय है.. आज 300 से ज़यादा महिलाये इससे जुडी है..
 |
मिस्साहारशी.कॉम
|
0 comments:
Post a Comment