प्याज गर्मी में क्यों खाना चाहिए ?????
कई परिवारों में प्याज का सेवन निषिध है.. वैसे प्याज खाना अनिवार्य नहीं है , लेकिन फिर भी गर्मी में यह लाभ करता है.. यह भी सही है ी इसे साथ में रखने से लू नहीं लगती है। ...
हर घर में कहते है , गर्मी है , प्याज खाओ.. हालंकि काम ही लोग प्याज जेब में रखते है.. , लेकिन कहते है की धुप में जा रहे है जेब में प्याज रखलो , लू नहीं लगेगी...,
क्या सही है??? मेडिकल साइंस के लिहाज से भी देखे तो यह सही है.. दरअसल प्याज एक नेचुरल कुलेट है। ., भारत और मिस्त्र में ही गर्मी के मौसम में इसे जेब या हैट या पगड़ी में रखने का चलन है.. लू लगी है तो कपाल पैट यदि प्याज का रूस या पेस्ट लगा दिया जाये तो लू का असर काम हो जाता है...
.जेब में रखने से क्या होता है ?? :-
जेब में रखते है की समस्त गर्मी को यह सोख लेता है और शरीर का तापमान ठंडा बनाये रखता है..
.कौन - सा फायदेमंद :-
लाल प्याज में एक केमिकल सोवेर्सेटिन है.. इस केमिकल में एंटी हिस्टेमीन इफ़ेक्ट होता है.. , एंटी हिस्टेमीन से तातपर्य यह है की गर्मी से होने वाली झुंझुलाहट , रेशेस , किंटो के काटने के प्रभाव को उलटने का काम करते है..
कच्ची खाये या सब्ज़ी में डाली हुयी?? प्याज दोनों ही रूपु में अछि है , लेकिन यदि कच्ची प्याज खायी जाये तो इसमें एक आर्गेनिक कंपाउंड सल्फर रहता है। . प्याज बहरी परतों पर फ्लेवोनिदेस होता ही...
. 100 ग्राम में ये मिलेगा.. :-
कैलोरी - 44 ,
फाइबर - 1.4 ग्राम ,
प्रोटीन - 1.10 ग्राम ,
विटामिन - स , ए , इ , कॉपर , कैल्सियम , आयरन , मैग्नीशियम , मॅग्नीज़ , फॉस्फोरस , जिंक..
.तो कितना खाना चाहिए :-
आयुर्वेदिक कहता है की आपकी मुट्ठी में जितना प्याज आ जाये , उतना तू हर दिन खा सकते है..
आयुर्वेदिक इसे तामसिक आहार में रखता है..
.तो गर्मी में ही सेवन क्यों करे?? :-
गर्मी में पेट की शिकायत बाहयात होती है.. कुलेट के रूप में प्याज साडी गर्मी को सोख लेता है.. और गैस , उलटी , एसिडिक , या डारिया जैसे परेशानियों से बचा लेता है.. क्योकि इसमें फाइबर होता है , जो पाचन के लिए अच्छा रहता है.. यह फाइबर घुलनशील है , जो पेट में अचे बैक्टीरिया बनता है। . , और डारिया का उपचार ही रही रोकथाम भी करता है..., पेट के कीड़े ख़तम कर एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक का काम करता है..
.लू से बचाये ये पांच उपाए :-
. पोदीने की पत्तियों का पेस्ट बॉडी पर लगाने से ठंडक मिलती है..
. सूती कपडे को ठन्डे पानी से भिगोकर शरीर की मालिश करने से गर्मी में रहत मिलती है और लू से बचते है..
. खड़े नमक को नाभि पर रखले। . उस पर तब तक ठंडा पानी डेल जब तक वह घुल न जाये,.
.ताम्बे की थाली में ठंडा पानी भरले। .. इससे 10 मिनट तक पेट और छाती की सिकाई कर ले...
. प्याज के रूस से हथेली और तलुयू की मालिश करनी चाहिए। .
यह हिट स्टोके से बचाव का कारगर उपाए है..
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| missaaharshi.com |
कई परिवारों में प्याज का सेवन निषिध है.. वैसे प्याज खाना अनिवार्य नहीं है , लेकिन फिर भी गर्मी में यह लाभ करता है.. यह भी सही है ी इसे साथ में रखने से लू नहीं लगती है। ...
हर घर में कहते है , गर्मी है , प्याज खाओ.. हालंकि काम ही लोग प्याज जेब में रखते है.. , लेकिन कहते है की धुप में जा रहे है जेब में प्याज रखलो , लू नहीं लगेगी...,
क्या सही है??? मेडिकल साइंस के लिहाज से भी देखे तो यह सही है.. दरअसल प्याज एक नेचुरल कुलेट है। ., भारत और मिस्त्र में ही गर्मी के मौसम में इसे जेब या हैट या पगड़ी में रखने का चलन है.. लू लगी है तो कपाल पैट यदि प्याज का रूस या पेस्ट लगा दिया जाये तो लू का असर काम हो जाता है...
.जेब में रखने से क्या होता है ?? :-
जेब में रखते है की समस्त गर्मी को यह सोख लेता है और शरीर का तापमान ठंडा बनाये रखता है..
.कौन - सा फायदेमंद :-
लाल प्याज में एक केमिकल सोवेर्सेटिन है.. इस केमिकल में एंटी हिस्टेमीन इफ़ेक्ट होता है.. , एंटी हिस्टेमीन से तातपर्य यह है की गर्मी से होने वाली झुंझुलाहट , रेशेस , किंटो के काटने के प्रभाव को उलटने का काम करते है..
कच्ची खाये या सब्ज़ी में डाली हुयी?? प्याज दोनों ही रूपु में अछि है , लेकिन यदि कच्ची प्याज खायी जाये तो इसमें एक आर्गेनिक कंपाउंड सल्फर रहता है। . प्याज बहरी परतों पर फ्लेवोनिदेस होता ही...
. 100 ग्राम में ये मिलेगा.. :-
कैलोरी - 44 ,
फाइबर - 1.4 ग्राम ,
प्रोटीन - 1.10 ग्राम ,
विटामिन - स , ए , इ , कॉपर , कैल्सियम , आयरन , मैग्नीशियम , मॅग्नीज़ , फॉस्फोरस , जिंक..
.तो कितना खाना चाहिए :-
आयुर्वेदिक कहता है की आपकी मुट्ठी में जितना प्याज आ जाये , उतना तू हर दिन खा सकते है..
आयुर्वेदिक इसे तामसिक आहार में रखता है..
.तो गर्मी में ही सेवन क्यों करे?? :-
गर्मी में पेट की शिकायत बाहयात होती है.. कुलेट के रूप में प्याज साडी गर्मी को सोख लेता है.. और गैस , उलटी , एसिडिक , या डारिया जैसे परेशानियों से बचा लेता है.. क्योकि इसमें फाइबर होता है , जो पाचन के लिए अच्छा रहता है.. यह फाइबर घुलनशील है , जो पेट में अचे बैक्टीरिया बनता है। . , और डारिया का उपचार ही रही रोकथाम भी करता है..., पेट के कीड़े ख़तम कर एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक का काम करता है..
.लू से बचाये ये पांच उपाए :-
. पोदीने की पत्तियों का पेस्ट बॉडी पर लगाने से ठंडक मिलती है..
. सूती कपडे को ठन्डे पानी से भिगोकर शरीर की मालिश करने से गर्मी में रहत मिलती है और लू से बचते है..
. खड़े नमक को नाभि पर रखले। . उस पर तब तक ठंडा पानी डेल जब तक वह घुल न जाये,.
.ताम्बे की थाली में ठंडा पानी भरले। .. इससे 10 मिनट तक पेट और छाती की सिकाई कर ले...
. प्याज के रूस से हथेली और तलुयू की मालिश करनी चाहिए। .
यह हिट स्टोके से बचाव का कारगर उपाए है..
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