latest designs in kashmiri sari for winter season

latest designs in kashmiri sari for winter season

        विंटर सीजन में अब कश्मीरी साडी भी है 

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काम वजन के  को पूरा देश में महिलाये पसंद कर रही है..,  क्योकि यह प्योर कश्मीरी वॉलें से त्यार होने के कारन बहुत गर्माते है... आजमा बहुत अचे कश्मीरी शॉल और स्टाल बनती है... इसके निर्माता समीर महरा है...
मन जाता है की उत्तर भारत में अब बड़े पैमाने पर गर्म कपड़ो का उत्पाद किया जा रहा है... इसकी प्रमुख वजह मौसम है...
हैंडलूम सेक्टर में इसका बड़ा योगदान है... यह सिर्फ घरेलु बाजार में इन कपड़ो की मांग की वजह से नहीं है , बल्कि भारतीय कपडे , शॉल कई चीजे ब्रांड एम्बेस्टर के रूप में अपनी पहचान बना चुके है...
उनकी कंपनी इज्मा वोलन ,मिल्स जी की इज्मा शॉल की कंपनी है लगातर महिलाओ के लिए गर्म कपडे बना रही है..., इन्हे टेक्सटाइल डिज़ाइनर आहर्शी राजपूत के साथ मिलकर बनाया जा रहा है... जो की फैशन डिज़ाइनर है...

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साडी भारतीय महिलाओ के वार्डरॉब का अहम् हिस्सा है.. शुद्ध कश्मीरी साडी जो हाथ की बनी होती है वह हमरी दादी नानी के कपड़ो की अलमारी में होती थी... इज्मा ने प्योर कश्मीरी शॉल बनाई , जिन्हे महिलाये किसी भी अवसर पर पहन सकती है...
वजह यह भी है की अब ये विशव में इस क्षेत्र का जाना पहचाना नाम है..., समीर का कहना है की इज्मा को शुरू करने के पीछे शॉल और स्टाल के माध्यम से कश्मीरी बुनकर की खोई चमक को वापस लाना था... जो 600 साल पहले शुरू हुई थी.., वह  इससे मने एक सबक सीखा है की लोग कपडे की कीमत देकर भूल जाते है लेकिन गुंदवाता को हमेशा यद् रखते है... स्कार्फ़ एक सफल उत्पाद है किस्से जो महिलाये  शॉल और स्टाल नहीं खरीद पति वह भी इसे ले लेती है...
काम वजन का यह कश्मीरी स्टाल काफी नरम है..., जो किसी भी मौसम के लिए आदर्श है, यह उन से भी ज़्यादा गर्माता है और कॉटन से भी ज़यादा ठंडा है..., यह इस मेथिक को तोड़ता है की यह सिर्फ ठण्ड के मौसम का उत्पाद है इसकी पहचान दिन पर जा रही है..

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